Small Story in Hindi

Small Story in Hindi

small story in Hindi

In this post you will find small story in Hindi language along with the moral of the story. These small story in Hindi along with entertaining kids also help in shaping their character which in turn helps in their proper development.

बच्चों को ये कहानिया नैतिक पाठ के अलावा, उन्हें जीवन के बारे में भी सिखाती हैं।

यह small story in Hindi मनोरंजन के साथ नैतिक पाठ का भी परिचय कराते हे । अपने बच्चे को झूठ न बोलने के लिए कहने के बजाय इसके बारे में एक छोटी कहानी बताने से उन्हें यह समझने में मदद मिलती है कि जब वे झूठ बोलते हैं तब उसका परिणाम क्या होता है। इससे उन्हें अपने कार्यों और उनके परिणामों के बारे में अधिक जागरूक होने में मदद मिलेगी। इन कहानियों के नैतिक पाठ उनके चरित्र और नैतिक कम्पास को आकार देने में मदद करते हैं और उनके उचित विकास में मदद करते हे।

चार दोस्त और एक शेर की कहानी | Four friends and a Lion Small Story in Hindi

chaar dost

यह चार मित्रों की कहानी है। इनमे से चौथा, सुबुद्धि, किसी भी तरह से ठीक से शिक्षित या अंतर्दृष्टिपूर्ण नहीं था। लेकिन सुबुद्धि के पास सामन्य ज्ञान की कोई कमी नहीं थी। सुबुद्धि को छोड़कर अलग दोस्तों में यह सामान्य ज्ञान की कमी थी।

तीन पढ़े लिखे दोस्त पैसे कमाने के लिए दूर शहर जाकर काम खोजने का फैसला किया। उन्होंने अपने ज्ञान से पैसा बनाने के बारे में सोचा। बुद्धि की कमी के कारण, तीनों दोस्त सुबुद्धि को नहीं लेजाना चाहते थे लेकिन फिर भी उसे आमंत्रित करने का फैसला किया क्योंकि वह बचपन का एक पुराना दोस्त था।

पैसे कमाने के रास्ते की तलाश में चार दोस्त अपने गांव से दूसरे शहर गए। घने जंगल से गुजरते हुए उन्हें एक पेड़ के नीचे हड्डियों का एक गुच्छा पड़ा मिला। उन्होंने सोचा कि यह अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने का एक शानदार अवसर हे।

पहले दोस्त ने हड्डियों को एक कंकाल में इकट्ठा करने के लिए अपने कौशल का इस्तेमाल किया। कंकाल तैयार होने के बाद दूसरे मित्र ने मंत्र का प्रयोग किया, जिससे कंकाल पर मांस संरचना हुयी। वह देखने में एक बेजान शेर की तरह लग रहा था। तीसरा दोस्त शेर को जिंदा करने के लिए आगे आया तब सुबुद्धि ने उसे रोका और सुबुधि ने चेतावनी दी कि एक बार क्रूर शेर को जीवित कर दिया गया तो वह उन्हें नहीं छोड़ेगा।

लेकिन तीसरे मित्र ने उसके सुझाव को नज़रअंदाज़ कर दिया, और सभी ने उसका मज़ाक उड़ाया और उनके उन्होंने अपना काम जारी रखा। जब तीसरे मित्र का प्रयोग करना शुरू किया, तो सुबुद्धि अपनी रक्षा के लिए पास के एक पेड़ पर चढ़ गया। तीसरे मित्र जप को पूरा करके  शेर को जीवित कर दिया गया। जैसा कि चौथे मित्र सुबुद्धि ने भविष्यवाणी की थी, शेर ने तीनों विद्वान मित्रों को मार डाला। सुबुद्धि जब गाँव पहुँचा तब गाँव के लोगों ने बाकी तीन दोस्तों के बारे में पूछताछ किया और सुबुद्धि ने जो कुछ भी हुआ सब समझाया।

Moral of the small story in Hindi : सामान्य ज्ञान के बिना ज्ञान बेकार है। यदि हमारे पास सामान्य ज्ञान नहीं है, तो हमने जो कुछ भी सीखा है वह सब व्यर्थ है।


कर्म का फल  | The fruit of Karma Small Story in Hindi

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एक दिन एक बुजुर्ग महिला डॉक्टर के पास गई और इलाज की गुहार लगाई। वह अपने घर में अकेली रहती थी। वह अमीर थी, लेकिन बुढ़ापे के कारण उसकी आंखों की रोशनी चली गई। डॉक्टर उसका इलाज करने के लिए तैयार हो गया और दादी से इलाज पूरा होने के बाद उसे अच्छा पारिश्रमिक देने को कहा। दादी मंज़ूर हुयी और साथ में यह भी बताया की यदि उपचार होने के बाद आँख ठीक नहीं हुआ थो उसे कुछ नहीं मिलेगा। डॉक्टर मान गए और दादी के घर पर इलाज शुरू किया।

जैसे जैसे दिन बीत गए, डॉक्टर दादी के सुसज्जित घर से कीमती सामान चुराने लगे। जल्द ही घर खाली हो गया, और बुजुर्ग महिला को डॉक्टर के घर का सामान चोरी करने की जानकारी नहीं थी। सौभाग्य से, उसने अपनी आंखों की रोशनी वापस पा ली और डॉक्टर के विश्वासघात को समझ गई। डॉक्टर ने इलाज के लिए फीस मांगी तो बुजुर्ग ने पैसे देने से मना कर दिया।

डॉक्टर ने राजा से शिकायत की। दादी को राजा के साम्हने ले आये।  दादी ने राजा को बताया की मेरे भगवान, अगर इलाज़ के बाद मेरे आँख ठीक हुए तभी मैंने डॉक्टर को पैसे देने का वादा किया था । लेकिन अब मुझे अपने घर में कोई बर्तन या सामन नहीं दिखा रहे हे। वह कैसे कहता है कि मैं पूरी तरह से ठीक हो गया हूं?

राजा ने सब कुछ समझ लिया और अपने नौकरों को नानी को रिहा करने और डॉक्टर को जेल भेजने का आदेश दिया। नानी की लाचारी के मौके का फायदा चालाक डॉक्टरों ने उठाया। लेकिन दादी ने उसे अपनी बुद्धि से डॉक्टर को सबक सिखाया।

Moral of the small story in Hindi : बुद्धि और सतर्कता मनुष्य को हमेशा असाधारण बनाती है। हमें जोखिमों से हमेशा अवगत रहना चाहिए और कठिनाई के समय में हमें बुद्धिमत्ता से स्थिति को निभाना चाहिए।


बेवकूफ कछुए की कहानी | The Foolish Tortoise Small Story in Hindi

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एक बार की बात है एक झील में दो हंस और एक कछुआ रहते थे। वे बहुत अच्छे दोस्त थे और जरूरत पड़ने पर एक-दूसरे की मदद करते थे। लगातार सूखे और वर्षा की कमी के एक वर्ष में, उन्होंने जीवित रहने के लिए दूसरी झील में जाने की योजना बनाई।

ऐसे में हंस ने कछुए के बारे में सोचने लगे जो उड़ नहीं सकता। लेकिन वे कछुए को भी अपने साथ ले जाना चाहते थे । उन्होंने एक योजना बनाई और कचये को के पास गए और बोले, “मित्र, एक न एक दिन यह झील सूख जाएगी। इसी लिए हम करीब झील में जाने की योजना बनाई हे”।

हंसा ने कहा, “हम नहीं चाहते कि तुम पानी और भोजन के बिना यहाँ रह कर मर जाओ। इसलि लिए तुम भी हमारे साथ चलो। हम अपनी चोंच में एक छड़ी लेकर उड़ते हैं, और यात्रा के दौरान तुम इसे अपने दांतों से कसकर पकड़ना चाहिए और उड़ान के दौरान तुम अपना मुँह खोलना  नहीं चाहिए। अगर तुमने अपना मुँह खोला तो तुम पानी में गिर जाओगे और अपनी जान गंवाओगे।

कछुआ इस के लिए सहमत हो गया और सारे मिलकर अपना उड़ान शुरू किया। रास्ते में उड़ते हुए कछुए को देखकर कुछ लड़कों समूह हंसने लगा। अपनी जीभ को नियंत्रित करने में असमर्थ हुआ कछुआ अपना मुंह खोलते ही नीचे झील में गिर गया और अपना जान ग्वालिया।

Moral of the small story in Hindi : कछुए की बुद्धि और वाक्पटुता की कमी के कारण उसकी मृत्यु हो गई। कहानी का नैतिक है कि हमें किसी बात करने से पहले सावधान रहना होगा। कई बार यह हमारा अवनति के लिए कारण हो सकता हे।


लोमड़ी और भेड़ की कहानी | Fox and Sheep Small Story in Hindi

lomadi aur bhed

 एक बार की बात है, भूरे बालों वाला एक पतला लोमड़ी रहता था। लोमड़ी कई बार भेड़ों पर हमला करने की कोशिश किया था लेकिन असफल रहा।

लेकिन एक रात भेड़िये की खाल लोमड़ी को मिली। जब लोमड़ी ने फेकि हुयी खाल देखि तब उसके दिमाग में एक उपाय आया और वह अंदर ही अंदर खुश हुआ। भेड़िये की खाल पहन कर लोमड़ी जहाँ भेड़ घास चराने आती थी वहा उनके साथ शामिल हो गया।

जब चरवाहा भेड़ों को वापस ले जाने आया तब लोमड़ी भी भेड़ो का पीछा किया और उनके साथ शामिल हो गया लेकिन उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुँचाया।

लोमड़ी ने को भेड़ों के बीच रहने प्रारम्भ किया और किसी को शक भी नहीं हुआ और पता भी नहीं लगा।

कुछ दिनों बाद, चरवाही को लगा की रोज़ भेड़ो की संख्या कम हो रही हे। जब उसने गिनती किया तोह वह देख कर हैरान हो गया क्योंकि सिर्फ      केवल कुछ भेड़ें बची थी। वह जब भेड़ो की गिनती कर रहा था तब देखा की सिर्फ एक भेड़ मोटी हुयी थी। उसने करीब जाकर देखा तब उसको भेड़ की खाल के नीचे छिपे हुए लोमड़ी के बारे में पता चला। चरवाही सब समझगया उसने तुरंत लोमड़ी को मार डाला।

Moral of the small story in Hindi : किसी को धोका देकर कोई भी आसानी सी नहीं बच सकता। एक ना एक दिन उसके लिए ज़रूर सबक मिलेगा।

Hope you enjoyed these small story in Hindi. If you would are interested in reading more stories you can find them below.

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